नई शिक्षा नीति को मिली मंजूरी के बाद से ही स्टूडेंट्स, टीचर्स और पैरेंट्स सभी के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। नेशनल पॉलिसी एजुकेशन (NEP) 2020 को लेकर अभी भी ऐसी कई बातें हैं, जिसका स्पष्टीकरण जरूरी है। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल आज एक लाइव वेबिनार के जरिए इन सवालों का जवाब देंगे। शिक्षा मंत्री से ट्वीटर हैंडल पर #NEPTransformingIndia के जरिए सवाल पूछे जा सकेंगे। इस बारे में केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, इसके क्रियान्वयन, महत्वपूर्ण सुधारों और अन्य सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार हूं।
पहले भी हो चुके हैं कई वेबिनार
देशभर के शिक्षा संस्थानों में NEP 2020 के इंप्लीमेंटेशन को लेकर पहले भी कई ऑनलाइन वेबिनार और सेमिनार हो चुके हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 7 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की देश में उच्चतर शिक्षा के रूपांतरण पर राज्यपालों का सम्मेलन को संबोधित किया था। इसके अलावा अन्य अवसरों पर भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और अन्य के द्वारा शिक्षा नीति को लेकर संबोधन, चर्चाएं, सम्मेलन और कार्यशालाओं के जरिए इसकी उपयोगिता और क्रियान्वयन पर विचार व्यक्त किये जा चुके हैं।
यूजर्स ने पहले ही शुरू किया सवाल पूछना
शिक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्रालय के ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल पर आज होने वाले लाइव इंटेरैक्शन के ट्वीट पर कमेंट कर कई यूजर्स ने पहले ही सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। स्टूडेंट्स, टीचर्स आदि द्वारा निम्न सवाल पूछे जा रहे हैं-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति कब से लागू होगी?
क्या 10वीं और 12वीं हर विषय के लिए बेसिक और स्टैंडर्ड वर्जन लागू होगा?
लड़कियों की शिक्षा व्यवस्था के लिए NEP 2020 में क्या कोई ऐसा प्रावधान है कि नये स्कूल खोलने के लिए जरूरी भूमि की खरीद और भवन निर्माण के लिए सरकारी अनुदान मिल सके?
उच्च शिक्षा में NEP का क्रियान्वयन कैसे होगा जबकि देश के कई विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में फैकल्टी पद खाली पड़े हैं?
मुंबई में रहने वाली साउथ की एक्ट्रेस पायल घोष द्वारा लगाए रेप के आरोप में फंसे निर्माता अनुराग कश्यप से मुंबई पुलिस आज(गुरुवार को) सुबह 11 बजे पूछताछ करेगी। बुधवार को कश्यप के खिलाफ मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन से समन जारी हुआ है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि समन में उन्हें पुलिस ने बिना अनुमति मुंबई नहीं छोड़ने के लिए भी कहा है। हालांकि, एक्ट्रेस के आरोपों को कश्यप ने वकील के जरिए एक स्टेटमेंट जारी कर पूरी तरह से खारिज किया है और बेबुनियाद बताया गया है।
अनुराग कश्यप पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
भारतीय दंड सहिता की धारा 376 (I)(महिला के साथ बलात्कार करने का आरोप), 354(महिला की मर्यादा भंग करने के लिए उसपर हमले), 341(किसी महिला को गलत तरीके से रोकना) और 342(किसी व्यक्ति को गलत ढंग से बंधक बनाना) के तहत अनुराग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें से 376 गैर जमानती धारा है, माना जा रहा है कि अगर कश्यप पर लगे आरोप में सच्चाई मिलती है तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है।
पायल ने ट्वीट कर कहा-आशा करती हूं न्याय मिलेगा
मुंबई पुलिस के समन पर अभिनेत्री पायल घोष ने ट्वीट कर लिखा,'अनुराग कश्यप को समन भेजने और कल वर्सोवा पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाने के लिए धन्यवाद। आशा करती हूं न्याय मिलेगा... !!'
एक्ट्रेस ने शेयर किए कुछ पुराने ट्वीट
कश्यप को समन से पहले पायल घोष ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि ये पोस्ट 'मीटू मूवमेंट' के वक्त के हैं। इसमें उन्होंने एक 'फेमस डायरेक्टर' का जिक्र किया है जिसने काम के बदले उन्हें 'फिजिकली फ्रेंडली' होने की सलाह दी थी। पायल ने ट्वीट करके कहा, मेरे कुछ पोस्ट जो #MeToo मूवमेंट के दौरान मेरे मैनेजर और मेरी फैमिली ने डिलीट करवा दिए थे। मैं इस बात का ध्यान रखूंगी कि #MeTooIndia का नाम कुछ और कर दूं क्योंकि #metooindia फेक है और प्रभावशाली लोगों का गुलाम है।
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12 अक्टूबर 2018 के डिलीट ट्वीट में पायल ने लिखा है, '#MeToo तक ट्विटर को बाय कहने का वक्त है। #MeTooMovment आगे बढ़ता जा रहा है, यह मुझे गुस्सा दिला रहा है, मुझे कई बातें बताने का मन कर रहा है लेकिन मेरा परिवार मुझे इस पर कुछ कहने नहीं दे रहा और मेरे सारे ट्वीट्स डिलीट करवा दिए, नफरत को खत्म हो जाने दीजिए, फिर से प्यार फैलाने वापस आऊंगी।'
राज्यपाल से एक्ट्रेस ने की थी मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को एक्ट्रेस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने अनुराग कश्यप से अपनी जान का खतरा बताया था। राजभवन से बाहर आकर एक्ट्रेस ने कहा था, 'रेप का आरोपी सड़क पर खुलेआम घूम रहा है, इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।' राजभवन में एक्ट्रेस के साथ आरपीआई प्रमुख रामदास आठवले भी मौजूद थे। एक्ट्रेस ने कहा है कि अगर कश्यप को जल्द गिरफ्तार नहीं किया जाता तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी। इसके ठीक एक दिन बाद मुंबई पुलिस ने अनुराग कश्यप के खिलाफ समन जारी किया है।
22 सितंबर को कश्यप पर दर्ज हुआ था रेप का केस
22 सितंबर को एक्ट्रेस ने फिल्म डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अनुराग कश्यप के खिलाफ मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में रेप का मामला दर्ज करवाया है। एक्ट्रेस का आरोप है कि कश्यप ने 2013 में वर्सोवा में यारी रोड की एक लोकेशन पर रेप किया था। अनुराग के खिलाफ दुष्कर्म, गलत बर्ताव, गलत इरादे से रोकने और महिला का अपमान करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कोरोना के बीच अनलॉक-5 की गाइडलाइंस बुधवार को जारी कर दी गईं। केंद्र ने 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स खोलने की मंजूरी भी दे दी है। मल्टीप्लेक्स, थिएटर और सिनेमा को कुल क्षमता के 50% सिटिंग कैपेसिटी के साथ खोला जाएगा। इसके लिए केंद्र एसओपी जारी करेगी। इस खबर के आते ही बी टाउन सेलेब्स की खुशी का पार नहीं है। सबसे पहले अभिषेक बच्चन ने ट्वीट किया और इसे हफ्ते की सबसे अच्छी खबर बताया।
13 मार्च के बाद नहीं हुई फिल्में थिएटर में रिलीज
थिएटर्स में रिलीज की गई इस साल की आखिरी फिल्म इरफान खान की अंग्रेजी मीडियम थी। जो 13 मार्च को रिलीज हुई थी। इसके बाद से लगभग 35 फिल्में ओटीटी पर रिलीज की जा चुकी हैं। अक्टूबर में भी 5 से ज्यादा फिल्में ओटीटी रिलीज डेट अनाउंस कर चुकी हैं। ऐसे में गाइडलाइन आने के बाद कितनी प्रोड्यूसर्स फिल्में थिएटर में लाते हैं और कितने दोनों प्लेटफॉर्म पर, यह बड़ी बात होगी।
2020 की भरपाई आसान नहीं
2019 हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन साल रहा। इस साल करीब 250 फिल्में रिलीज हुई थीं और सभी ने लगभग 5600 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। इतना ही नहीं, बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई करने वाली सबसे ज्यादा 19 फिल्में भी 2019 में ही आईं। 2020 की बात करें तो यह साल अभी तक लगभग 800 करोड़ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर खड़ा है, जो कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक आया।
इसके बाद लॉकडाउन लग गया। अब साल के महज चार महीने बचे हैं और सिर्फ दो बड़ी फिल्मों की रिलीज की चर्चा है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस को बहुत बड़ा नुकसान होना तय है।
बॉलीवुड ड्रग्स मामले में बड़ा खुलासा। एनसीबी की पूछताछ में ड्रग्स पैडलर्स ने बॉलीवुड के चार हीरो के नाम भी लिए हैं। ये हैं शाहरुख खान, रणबीर कपूर, अर्जुन रामपाल और डिनो मोरिया। बड़ी खबर ये है कि अर्जुन रामपाल शाहरुख को ड्रग्स सप्लाई करते रहे हैं। अब तक सिर्फ हीरोइनों के नाम ही आ रहे थे। पहली बार बड़े हीरो भी जद में आते दिख रहे हैं।
एनसीबी के एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बॉलीवुड के बड़े नामों का खुलासा किया है। उनसे बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग भास्कर के पास मौजूद है। दो दिन से मीडिया में नाम तो नहीं आ रहे थे, उनके बदले में सिर्फ ‘A’, ‘D’ ‘R’ और ‘S’ के कोड नाम से बातें कही जा रही थीं।
अब ये साफ हो गया है कि A का मतलब अर्जुन रामपाल, D से डिनो मोरिया, R से रणबीर कपूर और S से शाहरुख खान का नाम है। एनसीबी अधिकारी ने बताया कि ड्रग पैडलर के सोर्स ने कहा है कि अर्जुन रामपाल शाहरुख खान को ड्रग सप्लाई करते रहे हैं। लेकिन डिनो मोरिया किसे सप्लाई करते थे? इस पर अधिकारी ने कहा कि इसका पता लगाना बाकी है। पूछताछ जारी है।
एनसीबी अधिकारी से बातचीत, जस की तस...
सवाल: किसने इन नामों के बारे एनसीबी को बताया? अधिकारी: ड्रग पैडलर का एक सोर्स है। उसने बताया है कि अर्जुन रामपाल शाहरुख के घर ड्रग लेकर जाता है। इन्फॉरमेशन तो क्रेडिबल है, पर अभी उस बंदे से सीजर (जब्ती) होने का वेट करेंगे। जैसे ही यह अन-फोल्ड होगा, टेक्निकल एविडेंस के आधार पर हम इन संदिग्ध एक्टर्स के खिलाफ कदम उठाएंगे।
सवाल: पैडलर का सोर्स कौन है, क्या नाम है उसका? अधिकारी: वो रहने देते हैं न अभी, वो पैडलर का सोर्स तो बाहर का बंदा है। दो इंटेलीजेंस के इनपुट है, सोर्स कोई सेकेंड क्लास आदमी नहीं है, कि ऐसे ही आ गया और एनसीबी को बता रहा है। ये एक इंटरनेशनल एजेंसी के इनपुट हैं।
सवाल: और ये पैडलर कौन है, जिसे उसके सोर्स ने बोला है? डेविड या अनुज केसवानी वगैरह... अधिकारी: अभी ये सब तकनीकी तौर पर अन-रिलेटेड है न। पैडलर डेविड अन-रिलेटेड है। यह पूरी तरह से इंटेलिजेंस इनपुट वाला क्रेडिबल शख्स है, जो पैडलर के कॉन्टैक्ट का बंदा है। साथ ही अर्जुन रामपाल के साथ रहा है। हमारे पास कुछ क्रेडिबल प्रूफ है कि अर्जुन का शाहरुख से कनेक्शन है और डिनो मोरिया का किसी और के साथ है।
सवाल: डिनो मोरिया किसे सप्लाई करता था? अधिकारी: ये तो उन्हीं से पूछा जाएगा। वो ही बताएंगे कि वो किसे सप्लाई किया करते थे।
सवाल: इन सभी को एनसीबी कब तक समन भेजेगी? अधिकारी: इस मामले में समन नहीं होगा। सीधे बंदे उठेंगे, उसके बाद ही काम होगा।
सवाल: बंदा उठने का मतलब? अधिकारी: देखते हैं, अभी हम लोग काम कर रहे हैं...
सवाल: बाकी दीपिका, सारा, श्रद्धा वाले में क्या अपडेट है? इनको दोबारा समन जाएगा क्या? अधिकारी: अभी तो नहीं। कुछ और होने पर जा सकता है, लेकिन अभी नहीं।
सवाल: आज फिर रिया-शौविक मामले में हाईकोर्ट का ऑर्डर आया... अधिकारी: शाम साढ़े छह तक तो नहीं आया था।
सवाल: अभी दो नाम तो हैं, पर शाहरुख के साथ क्या करेंगे, उनका तो बहुत बड़ा नाम है... अधिकारी: इंटरनेशनल इंटेलिजेंस से इनपुट तो मिल गया है उनको लेकर, अब आगे कैसे क्या होगा, उस पर एनसीबी तैयारी कर रही है।
केंद्रीय लोक सेवा आयोग ( UPSC) के पहले चरण की परीक्षा ( प्रिलिम्स) 4 अक्टूबर को देश भर के 2569 केंद्रों पर आयोजित होनी है। इस मौके पर दक्षिण मध्य रेलवे ने 2 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है।
रेलवे ने ट्वीट करके बताया कि ये स्पेशल ट्रेनें विजयवाड़ा से विशाखापट्टनम के बीच चलाई जाएंगी।
परीक्षा के एक दिन पहले पहुंचेगी ट्रेन
स्पेशल ट्रेन विजयवाड़ा से परीक्षा के एक दिन पहले यानी 3 अक्टूबर ( शनिवार) दोपहर 3 बजे निकलेगी। और इसी दिन रात के 10 बजे ट्रेन विशाखापट्टनम पहुंच जाएगी।
बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन में अब तीन बड़े मेल स्टार्स का नाम सामने आया है। रिपोर्ट्स की मानें तो इन तीनों एक्टर्स के नाम का पहला अक्षय S, A और R है। तीनों ही एक्टर्स दीपिका पादुकोण के साथ काम कर चुके हैं। एनसीबी से जुड़े सूत्रों की मानें तो तीनों एक्टर्स को आने वाले सप्ताहों में समन भेजा जा सकता है।
50 पॉपुलर नाम एनसीबी की राडार पर
रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीबी की राडार पर बॉलीवुड के 50 पॉपुलर नाम है। इनमें कई एक्टर्स और डायरेक्टर्स शामिल हैं। इससे पहले बॉलीवुड से रिया चक्रवर्ती, दीपिका पादुकोण, रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, फैशन डिजाइनर सिमोन खंबाटा, प्रोड्यूसर मधु मंतेना और क्षितिज रवि प्रसाद से एनसीबी पूछताछ कर चुकी है। धर्मा प्रोडक्शन के सहयोगी रहे क्षितिज फिलहाल एनसीबी की कस्टडी में हैं।
कोरोना वायरस महामारी से दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं और घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। महामारी का असर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री पर भी खासा पड़ा है। कई फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग रुक चुकी है जिससे कलाकार बेरोजगार हो गए हैं। उनके लिए अपनी आजीविका चलाना दूभर हो गया है।इस वजह से कोई सब्जी बेचने को मजबूर हो गया है तो कोई सोशल मीडिया पर आर्थिक मदद मांग कर अपना गुजारा कर रहा है।
रामवृक्ष गौर
कई टीवी शोज में असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुके रामवृक्ष गौर काम नहीं होने की वजह से इन दिनों आजमगढ़ में सब्जी बेच रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने ये काम बंद कर दिया है। राम की मानें तो अब उन्हें एक भोजपुरी फिल्म में काम मिल गया हैं जिसमें वे असिस्टेंट डायरेक्टर रहेंगे।
पिछले दिनों उन्होंने बताया, 'पिछले 18 सालों में मैंने कई टीवी शोज और फिल्में कीं, जिनसे मैंने अच्छे खासे पैसे भी कमाए। हालांकि पिछले 3 साल से मेरी तबियत काफी खराब चल रही है जिसकी वजह से मैं ज्यादा काम नहीं कर पाता। इसी दौरान मेरी जितनी भी बचत थी वो इलाज में खर्च हो गई।'
'किसी तरह काम चल रहा था लेकिन लॉकडाउन में मेरी आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब हो गई। कुछ पैसे जोड़ने के लिए मैंने फिर से सब्जी बेचने का पुराना काम शुरू कर दिया। इसमें मुझे कुछ गलत नहीं लगा।'
सोलंकी दिवाकर
दिवाकर आयुष्मान खुराना की ड्रीमगर्ल और सुशांत सिंह राजपूत की सोनचिरैया में नजर आए थे। लॉकडाउन से पहले दिवाकर ऋषि कपूर के साथ फिल्म शर्मा जी नमकीन की शूटिंग कर रहे थे लेकिन फिल्मों की शूटिंग बंद हो गई और दिवाकर के पास कोई काम नहीं बचा। ऐसे में उन्होंने दिल्ली में फल बेचने का काम शुरू किया।
दिवाकर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था, 'लॉकडाउन बढ़ने के बाद मुझे अपने घर का किराया भरने और परिवार की जरूरतें पूरी करने में दिक्कत आने लगी। तो मैंने फल बेचने का काम शुरू किया।
राजेश करीर
पिछले दिनों 'बेगुसराय' और 'सीआईडी' जैसे टीवी शो में काम कर चुके अभिनेता राजेश करीर का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने रोते हुए आर्थिक तंगी का जिक्र कर लोगों से मदद करने की गुहार लगाई थी। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कई लोगों ने राजेश की आर्थिक मदद कर उन्हें राहत पहुंचाई।
राजेश ने कहा, 'ऐसा लगा जैसे पूरा देश मेरी मदद करने के लिए आगे आ गया। मैं आप सबका तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। आप सबने मेरी हैसियत से ज्यादा मेरी मदद कर दी लेकिन अब मैं कहना चाहता हूं कि मेरे अकाउंट में और पैसा मत डालिए। मुझे उम्मीद से ज्यादा आर्थिक मदद मिल चुकी है। लेकिन अब आगे अपने परिवार का ख्याल मुझे अपने दम पर ही रखना है।
नुपूर अलंकार
स्वरागिनी, इस प्यार को क्या नाम दूं, दीया और बाती हम, अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो और घर की लक्ष्मी बेटियां जैसे टीवी सीरियलों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस नुपूर अलंकार के भी लॉकडाउन में आर्थिक तंगी से गुजरने की खबरें आईं।
उनकी दोस्त रेणुका शहाणे ने एक फेसबुक पोस्ट में इस बात का जिक्र करते हुए लोगों से नुपूर की आर्थिक मदद करने की अपील की थी। रेणुका ने बताया था कि नुपूर के पास अपनी बीमार मां की इलाज के लिए पैसे नहीं हैं जिसके बाद उनकी मदद के लिए अक्षय कुमार सामने आए थे। बाद में नुपूर ने अक्षय को मदद के लिए धन्यवाद कहा था।
मंगलवार को एम्स ने दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की विसरा रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी। इस दौरान पैनल ने मुंबई फोरेंसिक लैब द्वारा की गई बड़ी लापरवाही की ओर ध्यान दिलाया। उनके मुताबिक, लैब ने कई जरूरी टेस्ट नहीं किए। इनमें से एक वह टेस्ट भी था, जिसके जरिए यह पता लगाया जा सकता था कि सुशांत को ड्रग्स दिया गया था या नहीं?
परिवार का जबरदस्ती ड्रग्स देने का आरोप
लापरवाही सामने आने के बाद सुशांत के परिवार ने आरोप लगाया है कि हो सकता है कि उन्हें जबर्दस्ती ड्रग्स दिया गया हो। अब सीबीआई यह पता करने की कोशिश कर रही है कि आखिर मुंबई की फॉरेंसिक लैब ने विसरा के टेस्ट में इस तरह की लापरवाही क्यों की?
खुदकुशी या मर्डर? अभी स्पष्ट नहीं
एम्स के 5 डॉक्टर्स की टीम को लीड कर रहे सुधीर गुप्ता की मानें तो उन्होंने और सीबीआई मिलकर इस केस पर काम किया है और दोनों के बीच सहमति भी बनी है। लेकिन कुछ बातों पर अब भी विचार-विमर्श करने की जरूरत है। गुप्ता के मुताबिक, यह सच है कि सुशांत के शरीर में जहर नहीं मिला। लेकिन अभी भी स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि सुशांत ने खुदकुशी की या फिर उन्हें मारा गया।
1 जुलाई को आई थी मुंबई FSL की रिपोर्ट
1 जुलाई को मुंबई पुलिस ने सुशांत की विसरा जांच की रिपोर्ट रिलीज की थी। इसमें फॉरेंसिक लैब की ओर से कहा गया था कि अभिनेता के शरीर में किसी तरह का जहर या संदिग्ध रसायन नहीं मिला है। रिपोर्ट में यह दावा भी किया था कि अभिनेता की मौत फांसी लगाने के बाद दम घुटने से हई थी।
CBI को वक्त क्यों लग रहा?
रिपोर्ट्स की मानें तो सीबीआई ने उस कमरे में जाकर डमी टेस्ट किया था, जहां सुशांत मृत पाए गए थे। अभी इसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कुछ और रिपोर्ट्स भी अभी सीबीआई को मिलनी बाकी है। मामले में हो रही देरी के सवाल पर सीबीआई ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले की जांच हर एंगल से कर रहे हैं। यही वजह है कि इसमें वक्त ज्यादा लग रहा है।
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके महेंद्र सिंह धोनी फिलहाल आईपीएल में व्यस्त हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स के कैप्टन आईपीएल का 13वां सीजन जीतने के लिए टीम को लीड कर रहे हैं। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब वो एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पिछले साल माही ने धोनी एंटरटेनमेंट नाम की मीडिया कंपनी खोली थी। अब यह कंपनी एक अघोरी की जिंदगी पर वेब सीरीज बनाने जा रही है।
यह वेब सीरीज एक नए लेखक की किताब पर आधारित है। इसमें पौराणिकता भी रहेगी और साइंस फिक्शन भी। यह एक ऐसे रहस्यमयी अघोरी की कहानी होगी, जो एक बेहद डेवलप्ड ऑर्गनाइजेशन के हाथ लग जाता है।
कोशिश है कहानी बेहतर तरीके से पर्दे पर आए- साक्षी
धोनी की पत्नी और कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर साक्षी ने बताया- यह वेब सीरीज एक चौंकाने वाला एडवेंचर होगा। किताब माइथोलॉजिकल साइंस फिक्शन पर आधारित है। जब यह अघोरी एक ऑर्गनाइजेशन के हाथ में लगता है तो प्राचीन विश्वास और भविष्य के रहस्य खुलते हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हम ब्रह्मांड के सभी पहलुओं को इसमें शामिल करें और हर किरदार और उसकी कहानी को पर्दे पर लाएं। हम इसे बेहतर तरीके से पर्दे पर उतारेंगे।
कास्ट और शूटिंग लोकेशन तय करने का काम जारी
उन्होंने कहा कि इस किताब पर फिल्म बनाने से बेहतर इस पर वेब सीरीज बनाना है। यह हमारा मकसद ज्यादा बेहतर तरीके से पूरा करेगी। इस सीरीज की कास्ट और शूटिंग के लिए लोकेशन तय करने पर काम चल रहा है। उन्होंने 2019 में ही एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इस डॉक्यूमेंट्री का नाम था 'रोर ऑफ लायन'। यह डॉक्यूमेंट्री चेन्नई सुपरकिंग्स पर प्रतिबंध के बाद आईपीएल में वापसी पर आधारित थी और इसका निर्देशन कबीर खान ने किया था।
ड्रग्स मामले में मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के एडीजी अनिल सिंह ने कहा था कि रिया चक्रवर्ती का सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में छोटा सा कनेक्शन है। जब यह बयान मीडिया में वायरल हुआ तो जांच एजेंसी की ओर से सफाई दी गई। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दैनिक भास्कर से कहा कि सुशांत की मौत के मामले से उनका कुछ लेना देना नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि रिया और शोविक के केस में डेढ़ किलो चरस जब्त की गई है। उन्हें 10-20 साल तक की सजा हो सकती है। एनसीबी अधिकारी से हुई बातचीत के अंश:-
Q. अनिल सिंह ने कोर्ट में कहा,'रिया का सुशांत हत्याकांड से स्मॉल कनेक्शन है।' इसके क्या मायने हैं? A. ये गलत व्याख्या है। सुशांत की डेथ से हमारा लेना-देना नहीं है। हमारा मेन्डेट अलग है। डेथ वाला मसला रिस्पेक्टेड एजेंसी सीबीआई का है। हमारा केस और मसला ड्रग कार्टेल का है। हमारा ड्रग्स सिंडिकेट का केस है। हमारा कंसर्न डेथ नहीं है। यही बात अनिल सिंह ने भी कोर्ट ने कही थी, पर इसे मिसरीड किया जा रहा है।
Q. रिया के डिफेंस लॉयर्स का कहना है कि वो इंसान ही जिंदा नहीं है, जिसे ड्रग्स सप्लाई होती थी तो फिर कैसे साबित होगा कि वाकई में ड्रग कार्टेल अस्तित्व में है? A. ड्रग कार्टेल में सिर्फ अकेले सुशांत नहीं हैं। हमने कुल 19 लोगों को अरेस्ट किया है। यह केस सुशांत को मुख्य आरोपी बनाकर नहीं चलाया जा रहा है। बाकी जो आरोपी हैं, जिनके यहां से ड्रग्स की रिकवरी हुई है, उनका क्या करोगे आप? इन लोगों पर हम एनडीपीएस एक्ट के हिसाब से ही जाएंगे न।
बाकी ड्रग्स जमा करने से लेकर इसके पेमेंट करने और आर्थिक मदद करने के जो आरोप हैं, उनका क्या? क्या ये संगीन जुर्म नहीं हैं? एक इंसान अब इस दुनिया में नहीं रहा तो क्या बाकी आरोपियों को छोड़ दिया जाए? मिसाल के तौर पर अनुज केसवानी, ड्वेन फर्नांडीज, अंकुश अरेंजा हैं। खुद शोविक ने जो ड्रग्स का प्रिक्योरमेंट किया था, उसका क्या करोगे? यह सब छोटी कॉन्सपिरेसी का हिस्सा नहीं है। यह बड़े सिंडिकेट का इशारा करती है।
Q. इन पैडलर्स ने किन मेल एक्टर्स के नाम लिए हैं? A. ये जांच का विषय है। इस बारे में इस वक्त कुछ कहना सही नहीं। हमारे पास समय है। साथ ही मीडिया में जो कुछ आ रहा है कि एक्स, वाई, जेड लोगों को क्लीन चिट दे दी गई है, वह सही नहीं है। अभी तक किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई है। जांच जारी है। हमलोग आगे कंपलेन फाइल करने जा रहे हैं। जैसे-जैसे जांच में सबूत आते जाएंगे, हम आगे भी समन भेजते रहेंगे।
Q. रिया केस में नशीले पदार्थों की कितनी मात्रा जब्त हुई है ? A. यही बात तो उनके डिफेंस लॉयर्स को पता नहीं है। पूरे केस में कमर्शियल क्वांटिटी मिली है। चरस लगभग डेढ़ किलो तक मिला है। गांजा भी बड़ी मात्रा में मिला है। लिहाजा कमर्शियल क्वांटिटी को लेकर हम सब बहुत कम्फरटेबल हैं। लिहाजा रिया-शोविक को 10 से 20 साल तक की सजा तो बनती है। ये ऑर्गनाइज्ड क्राइम और सिंडिकेट है।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ( NLU) दिल्ली ने लॉ कोर्सेस में एडमिशन के लिए होने वाले ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट ( AILET) की ‘आंसर की’ जारी कर दी हैं।
आंसर की चेक करने के बाद कैंडिडेट्स आज शाम 5 बजे से पहले आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
इन कोर्स में मिलेगा एडमिशन
AILET क्वालिफाई करने वाले कैंडिडेट्स को NLU, दिल्ली के बी-एलएलबी ( ऑनर्स), एलएलएम और पीएचडी कोर्स में एडमिशन मिलेगा। ये परीक्षा 26 सितंबर को आयोजित हुई थी।
ऐसे चेक करें आंसर की
ऑफिशियल वेबसाइट nludelhi.ac.in विजिट करें।
‘Provisional Answer Keys’ के विकल्प पर क्लिक करें
पीडीएफ फाइल ओपन होगी, प्रोग्राम के अनुसार क्लिक अपनी आंसर की चेक करें
बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा गिराने के मामले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला आ गया। जिसमें कोर्ट ने ये कहते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया कि बाबरी ढांचे को गिराना साजिश नहीं थी और न ही ऐसा करने के लिए कारसेवकों को किसी नेता ने उकसाया था। इस फैसले को लेकर बॉलीवुड के कई सेलेब्स ने ट्वीट कर हैरानी जताई।
स्वरा भास्कर, ऋचा चड्ढा, जीशान अय्यूब, गौहर खान और फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी और अदालत के फैसले को लेकर तंज मारा। इस दौरान एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने अपने ट्वीट में लिखा, 'बाबरी मस्जिद ख़ुद ही गिर गया था।'
स्वरा भास्कर।
एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'इस जगह से ऊपर भी एक अदालत है, यहां देर है अंधेर नहीं।'
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ऋचा चड्ढा।
फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'श्री लाल कृष्ण आडवाणी को बधाई, अब आप इस देश की आत्मा पर अकेले एक लंबी खूनी रेखा खींचने के आरोपों से बरी हो गए हैं। भगवान आपको बहुत लंबी उम्र दे।'
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अनुभव सिन्हा।
अभिनेता जीशान अय्यूब ने फैसले पर सवाल उठाते हुए लिखा, '18 साल तक जिस मुद्दे को हथियार बनाया, वोट बटोरे और देश को तोड़ा गया, जिस हिंसा को इन सबने छाती ठोक के देश में फैलाया.....उस तक से बरी हो गए!!!?? वाह रे मेरे देश!!!'
जीशान अय्यूब।
एक्ट्रेस गौहर खान ने लिखा, 'निश्चित रूप से, उसकी वजह एक भूकंप था। हाहाहा। ये हम पर किया मजाक है।'
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गौहर खान।
28 साल बाद आया विशेष अदालत का फैसला
अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा 6 दिसंबर 1992 के दिन गिराया गया था। जिसके करीब 28 साल बाद कोर्ट का फैसला आया। इस मामले में लखनऊ में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया। यह भी कहा कि बाबरी ढांचे को गिराना साजिश नहीं थी और न ही ऐसा करने के लिए कारसेवकों को किसी नेता ने उकसाया था।
इस केस में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और साक्षी महाराज के समेत विश्व हिंदू परिषद के कई नेता भी आरोपी थे।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग कनेक्शन की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने धर्मा प्रोडक्शन में काम कर चुके क्षितिज प्रसाद को गिरफ्तार किया है। क्षितिज से पूछताछ में एनसीबी को पता चला है कि उसने मई से जुलाई 2020 के बीच 12 बार गांजा खरीदा था। एक रिपोर्ट में एनसीबी के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि क्षितिज को करमजीत ने गांजा सप्लाई किया था।
एनसीबी के सूत्रों ने बताया कि क्षितिज को उसके अंधेरी वेस्ट स्थित घर के बाहर कई बार गांजा डिलीवर किया गया। हर बार जब उसे गांजा सप्लाई किया जाता था, तब क्षितिज 50 ग्राम गांजा देने के लिए साढ़े तीन हजार रुपए देता था। यह पेमेंट वह करमजीत नाम के शख्स को गांजा सप्लाई किए जाने पर करता था।
एक और सप्लायर की गिरफ्तारी
इसी दौरान एनसीबी ने क्षितिज के घर से पिए हुए गांजे का सबूत बरामद किया है। पूछताछ के दौरान ड्रग पैडलर अनुष्का अनरेजा, जिसे 12 सितंबर को अरेस्ट किया गया था। उसने बताया कि क्षितिज को ड्रग सप्लाई करने वाले का नाम संकेत हनुमान चंद पटेल है। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान संकेत हनुमान ने यह कुबूल किया है कि उसने करमजीत के कहने पर अनुष्का अनरेजा को गांजा की सप्लाई की थी।
3 दिन और पुलिस कस्टडी में रहेगा क्षितिज
क्षितिज 3 अक्टूबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में है। सुशांत केस के ड्रग एंगल में अब तक एनसीबी ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। एनसीबी ने सुशांत की गर्लफ्रैंड रही रिया चक्रवर्ती, उसके भाई शोविक और दो स्टाफ मेंबर्स से पूछताछ की है। इसके अलावा एनसीबी दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर से भी पूछताछ कर चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल सेवा (प्रिलिम्स) परीक्षा 2020 पर बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि 4 अक्टूबर को होने वाले ये परीक्षाएं कोविड महामारी के कारण नहीं टाली जा सकतीं।कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस बात पर विचार करने को कहा है कि ऐसे कैंडिडेट़्स को एक और मौका दिया जा सकता है जिनके पास अपना आखिरी अटेम्प्ट बचा है और जो कोरोना के कारण परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।
जस्टिस एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने UPSC सिविल सेवा 2020 की परीक्षाओं को 2021 की परीक्षाओं के साथ मिलाकर करवाने की याचिका भी खारिज कर दी। देश के 72 शहरों में होने वाली 7 घंटे की ऑफलाइन परीक्षा में लगभग छह लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है।
UPSC ने भी किया था विरोध
इस मामले अर्जी लगाने वाले कैंडिडेट्स ने मौजूदा हालात के चलते परीक्षाएं टालने की मांग की थी। इस पर सुनवाई के दौरान सोमवार को UPSC ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सिविल सेवा की परीक्षाओं को टालना असंभव है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को इस हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
UPSC के हलफनामा और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें
आखिरी प्रयास करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में न बैठ पाने की स्थिति में एक और मौका मिलेगा।
आयु सीमा के लिहाज से इस साल परीक्षा में न बैठ पाने वाले कैंडिडेट्स को आयु सीमा में छूट मिलेगी।
UPSC को स्वास्थ्य मंत्रालय के SOP के हिसाब से जरूरी उपाय करने होंगे और सभी को उसकी सूचना देनी होगी।
खांसी और जुकाम वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में अलग कमरों में बैठाने की व्यवस्था करनी होगी।
अलग-अलग राज्यों में वहां के हालात को देखते हुए अलग-अलग SOP लागू किए जाएं।
कैंडिडेट्स को उनके एडमिट कार्ड के आधार पर होटलों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
अन्य उम्मीदवारों को खतरा न हो इसके लिए कोरोना से संक्रमित रोगी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
इससे पहले कोर्ट ने 24 सितंबर को याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रख रहे वकील अलख आलोक श्रीवास्तव से कहा था कि वे याचिका की एक कॉपी UPSC और केंद्र को दें। देश के अलग-अलग हिस्सों के 20 याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा कि मौजूदा हालात में परीक्षा आयोजित करने से उम्मीदवारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा होगा।
याचिकाकर्ताओं की दलील
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि कोरोना के तेजी से फैल रहे मामलों के बाद भी UPSC ने परीक्षा केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ाई। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के कई कैंडिडेट्स को करीब 300-400 किलोमीटर का सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। याचिका में कहा गया था कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए ऐसे कैंडिडेट्स पब्लिक ट्रांसपोर्ट की इस्तेमाल करेंगे, जिससे उनके संक्रमित होने की ज्यादा आशंका है।
महिलाओं की खूबसूरती को अक्सर उनके रंग से जोड़कर देखा जाता है। आमतौर पर गोरे रंग वाली लड़कियों को सुंदर माना जाता है और सांवली लड़कियों को समाज में दोयम दर्जे का समझा जाता है। हालांकि समय के साथ यह धारणा बदल गई है लेकिन कुछ बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को भी इस रंगभेद से गुजरना पड़ा है।
हाल ही में शाहरुख खान की बेटी सुहाना को भी उनके सांवले रंग की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्हें काली और चुड़ैल तक कहा गया जिसका सुहाना ने करारा जवाब भी दिया। बॉलीवुड में और भी एक्ट्रेसेस हैं जिन्हें अपने सांवले रंग की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ा लेकिन इससे घबराए बिना उन्होंने अपना मुकाम बनाया।
प्रियंका चोपड़ा
इंटरनेशनल सेलिब्रिटी बन चुकीं प्रियंका चोपड़ा भी अपने सांवले रंग की वजह से रंगभेद की शिकार हो चुकी हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा था, मुझे रोल देने से इसलिए मना कर दिया गया था कि मैं कुछ ज्यादा ही ब्राउन हूं। रंगभेद से निपटने का तरीका एक ही है कि अपने काम से खुद को इतना प्रूफ कर दें कि सामने वाला आपके साथ टेबल पर बैठने को राजी हो जाए। मैं देश में भी अपने काम के दम पर ही टिकी थी। मेरा काम बोलता है।
इसके अलावा बचपन में जब प्रियंका जब अमेरिका में पढ़ाई करने गई थीं तब भी उन्हें रंगभेद का शिकार होना पड़ा था। प्रियंका ने कहा था, 'जब मैं 12 साल की थी तो अमेरिका में स्कूली पढ़ाई के लिए गई थी। सब मुझे ब्राउनी कहकर बुलाते थे। मैंने जिंदगी में बहुत नस्लभेद सहा है। वो कहते थे कि हम भारतीय सिर हिलाकर बात करते हैं। हमारा मजाक उड़ाया जाता है। हम घर पर जो खाना बनाते हैं, उस खाने की महक का मजाक उड़ाया जाता है। इन्हीं तानों से तंग आकर मैंने अमेरिका छोड़ा और भारत आ गई।
बिपाशा बसु
बिपाशा बसु को भी सांवले रंग की वजह से बचपन से ही ताने सुनने को मिले। इसका जिक्र उन्होंने सोशल मीडिया पर किया था। बिपाशा ने लिखा था, 'जब मैं बड़ी हो रही थी तो मैंने अक्सर सुना कि मैं काली और सांवली हूं। जबकि मेरी मां भी डस्की ब्यूटी थीं और मैं काफी हद तक उनकी तरह ही लगती थी। मुझे कभी पता नहीं चला कि मेरे रिश्तेदार इस बारे में चर्चा क्यों करते थे'।
जब में 15,16 साल की थी तब मॉडलिंग शुरू की। मैंने सुपरमॉडल कॉन्टेस्ट जीता था। हर न्यूजपेपर में खबर थी कि कोलकाता की सांवली लड़की विनर बनी। मैंने फिर सोचा कि मेरे नाम का पहला विश्लेषण सांवली क्यों है। फिर मैं न्यूयॉर्क और पेरिस गई मॉडलिंग करने के लिए और मुझे एहसास हुआ कि मेरे स्किन कलर के लिए मुझे यहां ज्यादा काम और ध्यान मिलता है। ये मेरी अलग खोज थी।
जब मैं वापस आई तो मुझे फिल्म के ऑफर मिलना शुरू हुए। आखिरकार मैंने अपनी पहली फिल्म की, मैं इंडस्ट्री से पूरी तरह अजनबी थी। अचानक ही मुझे अपना लिया गया और पसंद किया गया। मगर विश्लेषण जुड़ा रहा। सांवली लड़की ने अपनी डेब्यू फिल्म से ऑडियंस को इंप्रेस किया। मेरे ज्यादातर आर्टिकल में मैंने जितना काम किया उससे ज्यादा चर्चा मेरे रंग की थी। मैं इसे नहीं समझ पाई। मेरे ख्याल से सेक्सी एक पर्सनालिटी है ना कि रंग। क्यों मेरे सांवलेपन के चलते मुझे बाकी एक्ट्रेस से अलग समझा गया। मुझे ज्यादा फर्क नहीं समझ आता मगर लोग बनाते हैं।
यहां एक मानसिकता है खूबसूरती की और कैसे एक एक्ट्रेस को दिखना और बिहेव करना चाहिए। मगर मैं अलग थी। इसने मुझे कभी वो करने से नहीं रोका जो मुझे पसंद है। मैं कॉन्फीडेंट थी जो मैं बचपन से हूं। मेरा स्किन कलर मुझे डिफाइन नहीं करता। मुझे ये पसंद है और मैं इसे नहीं बदलना चाहती।
रेखा
रेखा शुरुआती दिनों में सांवली और मोटी हुआ करती थीं। बॉलीवुड में रेखा को 1970 में फिल्म 'सावन भादो ' में पहला ब्रेक मिला लेकिन उन्हें अपने सांवले रंग के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी जिसके बाद रेखा ने अपने लुक्स में जबरदस्त बदलाव किया। कहा जाता है कि इसके लिए उन्होंने स्किन लाइटनिंग ट्रीटमेंट लिया था। रेखा आज भी अपने समय की अभिनेत्रियों में सबसे ग्लैमरस और खूबसूरत नजर आती हैं।
नंदिता दास
फायर जैसी बेहतरीन फिल्म में नजर आ चुकीं नंदिता भी अपने सांवले रंग के चलते परेशान रहीं। उन्हें इसी वजह से कई प्रोजेक्ट्स से हाथ धोना पड़ा।
नंदिता दास ने एक बार कहा था, 'हम अक्सर रंगभेद का शिकार होते रहते हैं। लोग कहते रहते हैं कि वह गोरी है। जैसे कि डार्क स्किन होना अच्छी बात नहीं है। फिल्मों और गानों में भी इसी बात को बढ़ावा दिया जाता है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि गानों ने भी रंगभेद को बढ़ावा देने में अपना भरपूर योगदान दिया है। अक्सर गानों के बोल गोरे रंग की ओर ही इशारा करते हैं।
गानों में कलाइयां हमेशा गोरी ही रही हैं। गोरा रंग काला न पड़ जाए, गोरे रंग पर इतना गुमान कर, गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा जैसे गीतों से लेकर चिट्टियां कलाइयां वे, जैसे कई गाने हैं, जिसे सुनकर लोगों के जेहन में खूबसूरती की परिभाषा केवल गोरा रंग होकर रह गई है।
शहाणा गोस्वामी
'रॉक ऑन', 'रा.वन','हीरोइन' जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस शहाणा गोस्वामी ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा था,'बॉलीवुड में मेरे जैसी सांवले रंग की लड़कियों की अपेक्षा गोरे रंग की लड़कियों को प्राथमिकता ज्यादा दी जाती है। मैं एक बार अपने सांवले रंग की वजह से एक फिल्म से बाहर निकाल दी गई थी।'
राधिका आप्टे
'पैडमैन','मांझी: द माउंटेन मैन','अंधाधुन' जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस रह चुकीं राधिका को भी अपने सांवले रंग की वजह इंडस्ट्री में लोगों के ताने सुनने पड़े थे। कई लोगों कहा कि वह इंडस्ट्री के लायक नहीं हैं, वह कभी अभिनेत्री नहीं बन सकतीं, लेकिन राधिका ने इन बातों की परवाह नहीं की। उन्होंने आलोचकों को अपने बेहतरीन काम के जरिए जवाब दिया।
यूपी पुलिस ने हाथरस में गैंगरेप की शिकार दलित लड़की की मौत के बाद उसके शव को मंगलवार रात के अंधेरे में जला दिया। इस दौरान उसके परिजनों तक को नहीं मौजूद रहने दिया गया। पुलिस की इस हरकत को लेकर बॉलीवुड सेलेब्स में काफी नाराजगी है और उन्होंने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया है। हालांकि कंगना रनोट ने सरकार पर भरोसा जताते हुए उसी तरह का न्याय मांगा है।
इस घटना के विरोध में किए अपने ट्वीट में जावेद अख्तर ने लिखा 'उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस की बलात्कार पीड़िता के शव की अंत्येष्टि रात में 2.30 बजे कर दी। ये काम बिना अनुमति और परिवार की गैर मौजूदगी में हुआ। जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्हें ये आत्मविश्वास क्यों है कि इस दुस्साहस के बाद भी वे बच जाएंगे। किसने उन्हें इस बात के लिए आश्वस्त किया है।'
कंगना को सरकार पर है पूरा भरोसा
कंगना रनोट ने यूपी सरकार पर भरोसा जताते हुए लिखा, 'मुझे योगी आदित्यनाथ जी पर अटूट भरोसा है। जिस तरह प्रियंका रेड्डी के रेपिस्ट उसी जगह पर मारे गए थे, जहां उन्होंने उसका रेप किया था और उसे जिंदा जलाया था। हम भी उसी तरह का भावुक, स्वाभाविक और आवेग वाला न्याय चाहते हैं।'
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प्रकाश राज बोले- यूपी पुलिस ने क्या कर डाला
एक्टर प्रकाश राज ने लिखा, 'आह.. बेहद निराशाजनक... हम किस चीज के गवाह बन रहे हैं, यूपी पुलिस ने क्या कर डाला... योगी आदित्यनाथ।'
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फरहान ने बताया ना मिटने वाला धब्बा
फरहान अख्तर ने लिखा, '#हाथरस की घटना इस राष्ट्र के ताने-बाने पर हमेशा धब्बे की तरह रहेगी। उन सभी लोगों पर शर्म आती है जो ऐसे अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों का बचाव करते हैं और इसे कवर करते हैं। पहले से ही टूटे और दुखी परिवार की बेटी को अंतिम संस्कार भी नहीं करने देना बिल्कुल बर्बर है। इंसानियत मर चुकी है।'
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नगमा बोलीं- अंतिम संस्कार भी नहीं होने दिया
नगमा ने लिखा, 'उन्होंने परिवार पर अंत्येष्टि के लिए दबाव बनाया। योगी आदित्यनाथ ने पर्दा डालने की हर संभव कोशिश की। पुलिस से देर रात 2.45 बजे लड़की के शव को जलवा दिया। उन्होंने हमारे देश की बेटी का हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक एक सम्मानीय अंतिम संस्कार भी नहीं होने दिया।'
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उर्मिला ने कहा ये अमानवीय है
उर्मिला मातोंडकर ने लिखा, 'जब कोई महिलाओं के दुख को बेचकर सत्ता में आता है, और हाथरस की घटना पर पूरी तरह चुप रहता है। ये अमानवीयता से भी परे है। #मीडिया सर्कस चुप #वुमन राइट्स एक्टिविस्ट्स गायब नए भारत का चुनिंदा न्याय?'
शाहरुख खान की 20 साल की बेटी सुहाना खान ने उनके साथ हुए रंगभेद को लेकर दर्द बयां किया है। सुहाना के मुताबिक, जब वे 12 साल की थीं, तब उनकी स्किन टोन की वजह से उन्हें बदसूरत कहा गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लेकर लंबी पोस्ट लिखी है और कहा है कि बहुत जरूरी है कि रंगभेद के मुद्दे को फिक्स किया जाना चाहिए।
यह है सुहाना की पोस्ट
सुहाना ने अपनी पोस्ट में लिखा है- इस वक्त बहुत सी चीजें चल रही हैं और यह एक मुद्दा है, जिसे हमें फिक्स करने की जरूरत है। यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। यह हर युवा लड़की/लड़के के बारे में है, जो बिना किसी कारण हीन भावना से ग्रस्त होकर बड़े हुए हैं। यहां मेरे अपीयरेंस को लेकर सिर्फ कुछ कमेंट हैं।
जब मैं 12 साल की थी, तब मुझे मेरी स्किन टोन की वजह से पूरी तरह वयस्क हो चुके पुरुषों और महिलाओं द्वारा बदसूरत कहा गया था। बावजूद इसके कि वे असल में एडल्ट थे। दुखद यह है कि हम सभी भारतीय हैं, जो हमें ऑटोमैटिकली ब्राउन बनाता है।
जी हां हम अलग-अलग रंगों से आते हैं। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप मेलानिन से खुद को दूर करने की कितनी कोशिश करते हैं। बस आप नहीं कर सकते। अपने ही लोगों से नफरत करने का यह मतलब है कि आप दर्द से असुरक्षित हैं।
मुझे खेद है, अगर सोशल मीडिया, भारतीय मैचमेकिंग और यहां तक कि आपके अपने परिवार वाले आपको कहते हैं कि अगर आपकी हाइट 5"7 नहीं है और आप फेयर नहीं हैं तो आप खूबसूरत नहीं हैं।
मुझे उम्मीद है कि यह जानने में आपको मदद मिलेगी कि मेरी हाइट 5"3 है और मेरा रंग ब्राउन है और मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं और आपको भी होना चाहिए।
शॉर्ट फिल्म में दिख चुकीं सुहाना
सुहाना ने पिछले साल नवंबर में 'द ग्रे पार्ट ऑफ ब्लू' में काम किया था। अंग्रेजी में बनी इस 10 मिनट की शॉर्ट फिल्म में सुहाना की परफॉरमेंस काफी सराही गई थी और उनके बॉलीवुड डेब्यू को लेकर उत्सुकता जाग गई थी।
हालांकि, शाहरुख ने कहा था कि फिल्मों में कदम रखने से पहले सुहाना अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें सुहाना अभी लंदन में फिल्म मेकिंग का कोर्स कर रही हैं। कोर्स पूरा होने के बाद वो एक्टिंग में करियर बनाएंगी। उन्होंने फिल्म 'जीरो' में अपने पिता शाहरुख खान को असिस्ट किया था।